Sunday, 20 May 2018

Good Morning

*"जरूर कोई तो लिखता होगा...*
*कागज और पत्थर का भी नसीब...*
*वरना ये मुमकिन नहीं की...*
*कोई पत्थर ठोकर खाये और कोई पत्थर भगवान बन जाये...*
*और...*

*कोई कागज रद्दी  और कोई कागज गीता बन जाये"...!*